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आंकड़ों के पीछे की कहानियाँ

सालों से, हमने लोगों को सवाल करते सुना है कि क्या वैश्विक ग़रीबी और बीमारी के खिलाफ़ संघर्ष में निवेश करने से कुछ अच्छा होता है। स्पष्ट है कि हमारा मानना है कि उनसे फ़र्क पड़ता है।

हम उस संघर्ष में हमारे सभी संसाधनों का निवेश कर रहे हैं। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि विकास पर खर्च होने वाले प्रत्येक डॉलर का अधिकतम प्रभाव पड़ता है। और यही हमारा उद्देश्य होना चाहिए।

हम इस रिपोर्ट की इस साल से शुरूआत कर रहे हैं और 2030 तक हर वर्ष करेंगे क्योंकि हम ज़रूरी समस्याओं का निदान करने, आशाजनक समाधानों की पहचान करने, प्रमुख परिणामों को मापने और व्याख्या करने में मदद करने और सर्वोत्तम अभ्यासों को फैलाने में मदद करके ग़रीबी के खिलाफ संघर्ष में उन्नति को तेज़ करना चाहते हैं।

संयोगवश, यह रिपोर्ट ऐसे समय पर आई है जब विकास के प्रति दुनिया की प्रतिबद्धता सामान्य से कहीं अधिक संदेहास्पद है। हमारे अपने देश में, कांग्रेस इस समय इस बात पर विचार कर रही है कि राष्ट्रपति के बजट में प्रस्तावित विदेशी सहायता पर बड़ी कटौतियों से कैसे निपटा जाए। अन्य दाता देशों में भी पीछे हटने की समान दशा ने पकड़ ले ली है। इस दौरान, ज़्यादातर विकासशील देशों को अपने सबसे ग़रीब नागरिकों के कल्याण को प्राथमिकता देने के लिए और अधिक काम करने की आवश्यकता है।

2015 में, संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों ने स्थायी विकास उद्देश्यों (SDGs) को अपनाया था, जो कि यह दर्शाता है कि हम सभी 2030 में दुनिया को किस रूप में देखना चाहते हैं। लेकिन यदि हम अपनी इस प्रतिबद्धता की पुष्टि नहीं करते जिसने पिछली पीढ़ी में इतना विकास किया है, तो वह दुनिया हमारी पहुंच से बहुत दूर होगी। दुनिया के सभी नेताओं को कार्रवाई करने की जरूरत है जो हमें उस मार्ग पर वापस ले जाए जो हमने केवल दो साल पहले ही अपने लिए तय किया था।

यह रिपोर्ट, जिसमें स्वास्थ्य मैट्रिक्स और मूल्यांकन के लिए मॉडल बनाना शामिल है, SDGs में शामिल 18 डेटा बिंदुओं को ट्रैक करेगी जिनके लिए हमारा मानना है कि वे लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए बुनियादी हैं। इस डेटा को पूरा करने के लिए, हम आंकड़ों के पीछे की कहानियाँ भी बता रहे हैं—उन नेताओं, नवाचारों और नीतियों के बारे में जिन्होंने उन देशों में फ़र्क डाला है जहाँ प्रगति सबसे अधिक महत्वपूर्ण रही है।

जो निर्णय हम आने वाले कुछेक वर्षों में मिल-जुलकर लेते हैं उनका इन वक्रों के आकारों पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ेगा। बेशक, यह केवल वक्रों के आकार को बदलने के बारे में नहीं है। यह इस बारे में है कि ये वक्र किस बात को दर्शाते हैं: क्या लाखों या अरबों लोग बीमारी से बचे रहेंगे या नहीं, अत्यधिक ग़रीबी से बाहर निकल पाएंगे या नहीं, और अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंच पाएंगे या नहीं।

– Bill & Melinda Gates

Bill Gates signature
Melinda Gates signature

मामला अध्ययन (केस स्टडीज़)
बच्चों की मृत्यु दर
मेलिंडा गेट्स द्वारा

यदि मुझे केवल एक डेटा बिन्दु पर ध्यान केन्द्रित करना हो तो वह उन बच्चों की संख्या होगी जो प्रत्येक वर्ष 5 साल की आयु तक पहुंचने से पहले ही मर जाते हैं।

इस संख्या में बहुत सी बातें छुपी हुई हैं। बच्चों की मृत्यु दर समग्र कल्याण का एक प्रतिनिधि है; यह उन्नति (या उसके न होने) का एक अग्रणी सूचक भी है। और जब आप उन माँओं से बात करते हैं जिन्होंने एक बच्चे की मौत का अनुभव किया है, तो आप समझते हैं कि इस संख्या का मानवीय शब्दों में क्या अर्थ है। बच्चों को जिन्दा रखने से अधिक ज़रूरी क्या है ताकि वे कामयाब हो सकें और भविष्य का निर्माण कर सकें?

एक नजर में
5 साल से कम उम्र वाले बच्चों की वैश्विक संख्या (लाखों में)
199020162030
0
15m
मुख्य अंतर्दृष्टि
संघर्षशील देशों में या किसी भी बुनियादी ढांचे से घंटों दूर वाले क्षेत्रों में बच्चों तक पहुंचना ही एक बहुत बड़ी चुनौती है। लेकिन यह संभव है, और यह पहले से भी कहीं ज्यादा संभव है।
मेलिंडा गेट्स
माँओं की मृत्य दर: इथियोपिया
बिल और मेलिंडा गेट्स द्वारा प्रस्तावना

यदि आप समुदायों को तबाह करने और बच्चों को जोखिम में डालने का सबसे कारगर तरीका ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं, तो आप माँओं की मृत्यु दर का आविष्कार करेंगे।

सौभाग्य से, समाधान पहले से मौजूद हैं। इन समाधानों को सभी औरतों तक पहुंचाने के लिए, सबसे अधिक ज़रूरी प्राथमिकता उन्हें स्वास्थ्य सुविधा-केन्द्रों में बच्चा पैदा करने के लिए मनाना है, जहाँ वे प्रसूति देखभाल प्राप्त कर सकती हैं।

एक नजर में
इथियोपिया में प्रति 100,000 जीवित बच्चों की तुलना में माँओं की मृत्यु दरें
19902016
0
1k
फील्ड से
बच्चों की मृत्यु दर केवल आठ साल में आधी हो गई। लेकिन मातृ मृत्यु दर के मामले में कहानी कुछ और ही थी।
केसेटे एडमासूसीईओ, रोल बैक मलेरिया पार्टनरशिप
परिवार नियोजन: सेनेगल
बिल और मेलिंडा गेट्स द्वारा भूमिका

शायद परिवार नियोजन के महत्व का विवरण करने का सर्वोत्तम तरीका यह है: परिवार नियोजन के उद्देश्यों को हासिल करने से यह संभावना बढ़ जाती है कि हम वास्तव में हर एक धारणीय विकास लक्ष्य को प्राप्त करेंगे।

ग़रीबी। माँओं की मृत्य दर। बच्चों की मृत्यु दर। शिक्षा। लिंग समानता। यह सब और बेहतर हो जाते हैं जब महिलाएँ अपनी गर्भावस्थाओं की योजना बना सकती हैं ताकि वे एक बच्चा होने पर शारीरिक और आर्थिक रूप से तैयार हों।

एक नजर में
सेनेगल में आधुनिक गर्भनिरोधक की प्रचलित दर
19902016
0
20%
फील्ड से
सेनेगल ने अपनी आपूर्ति श्रृंखला(सप्लाई चेन) में भारी सुधार किया ताकि गर्भनिरोधक मांगने आई किसी महिला को खाली हाथ न लौटना पड़े
फातिमाता साईनिदेशक, उआगादाउगोउ पार्टनरिशप
एचआईवी
बिल गेट्स द्वारा

जब AIDS महामारी नियंत्रण से बिलकुल बाहर हो गई थी, तो लोगों का कहना था कि अंत्येष्टियों में जाना रोज़मर्रा की बात हो गई थी, जैसे कि नाश्ता बनाना या काम पर जाना।

2000 के दशक की शुरुआत में, दुनिया ने इस संकट से निपटने के लिए एक बड़ा निवेश किया। वैश्विक स्वास्थ्य के इतिहास में, उन लोगों तक उत्पादों और सेवाओं को पहुंचाने में कभी इतनी मात्रा में वृद्धि नहीं हुई थी, जिन्हें उनकी आवश्यकता थी।

एक नजर में
दुनिया भर में प्रति 1,000 लोगों में एचआईवी से हुई मौतें
199020162030
0
0.4
मुख्यसीख
एचआईवी के इलाज के लिए उपलब्ध राशि में 10 प्रतिशत कटौती से 56 लाख अतिरिक्त लोगों की जान जा सकती है
बिल गेट्स
ग़रीबों के लिए वित्तीय सेवाएँ: भारत
बिल और मेलिंडा गेट्स द्वारा भूमिका

ग़रीबी केवल पैसे की कमी नहीं होती। यह उन बुनियादी वित्तीय सेवाओं तक पहुंच की कमी भी है जो ग़रीबों को उनके पास मौजूद पैसे से अपनी जिन्दगियों को बेहतर बनाने में मदद करती है।

इसलिए विकासशील समुदाय कई दशकों से वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहे हैं—जिसका अर्थ है, लगभग 2 बिलियन ऐसे लोगों को बैंक खातों और क्रेडिट और बीमे जैसी सेवाओं से जोड़ना जो पूरी तरह से औपचारिक वित्तीय प्रणाली से बाहर रहते हैं।

एक नजर में
भारतीय महिलाओं द्वारा अपने खाते में सीधे वेतन प्राप्त करने का असर-भारतीय रुपये (INR) में सालाना आमदनी
नियंत्रण समूह
13,479INR
उपचार समूह
16,766INR
रोहिणी पांडे के साथ बातचीत
जैसे-जैसे भारत संपन्न हो रहा है, महिलाएँ अब औपचारिक श्रम बल में कम काम कर रही हैं। यह महिलाओं के लिए एक समस्या है, क्योंकि जब वे नौकरी नहीं करती तो उनके पास घरेलू मामलों में बोलने की क्षमता कम होती है। यह भारत के लिए भी एक समस्या है, इससे बहुत सी ऐसी महिलाएँ जो काम करना चाहती हैं, उनकी प्रतिभाओं से लाभ लेने में विफल रहता है।
रोहिणी पांडेप्रोफेसर, हार्वर्ड कैनेडी स्कूल
स्टंटिंग (बौनापन): पेरू
बिल और मेलिंडा गेट्स द्वारा भूमिका

वैश्विक स्वास्थ्य में बौनापन सबसे शक्तिशाली, लेकिन सबसे जटिल पैमानों में एक है।

बौने बच्चों को उन बच्चों की तरह परिभाषित किया जाता है जो अपनी उम्र के हिसाब से एक निर्दिष्ट मात्रा से ठिगने (छोटे) हैं। लेकिन वास्तव में वह बच्चे की लम्बाई नहीं है जिसे लेकर हम चिंतित हैं; बल्कि, बौनापन किसी अत्यंत महत्वपूर्ण बात का प्रतिनिधित्व करता है।

एक नजर में
पेरु में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग (बौनेपन) की प्रबलता
19902016
0
50%
फील्ड से
अब हम एक ऐसा देश हैं जो अपने संसाधनों को पुनर्निर्देशित करने में कामयाब रहा है ताकि लाखों बच्चों को सतत बाल कुपोषण से मुक्त कर सकें। और सबसे अच्छी बात यह है कि पेरु में लम्बे समय से चला आ रहा सतत बाल कुपोषण लगातार कम होता जा रहा है।
मिलो स्टेनोजेविकराष्ट्रीय निदेशक, पेरू
वैश्विक आंकड़ें
ग़रीबी
यह चार्ट 1990 से ग़रीबी में एक स्थिर कमी को दर्शाता है, जिसका अधिकतर श्रेय तेज़ी से विकास करते चीन और भारत को जाता है।

इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए, बहुत से देशों को अपने विकास की दरों को बढ़ाना होगा और विकास को समान रूप से साझा करना होगा। अंतत:, लक्ष्य तो "ग़रीबी को उसके सभी रूपों में समाप्त करना" है, जो कि केवल ऐसी एक मजदूरी से कहीं अधिक महत्वाकांक्षी है जिस पर लोग निर्वाह कर सकते हैं।

इसका मतलब है, जैसा कि हमारे फाउंडेशन का लक्ष्य वक्तव्य कहता है, कि सभी लोग एक स्वस्थ, उत्पादक जीवन जी सकें।

लक्ष्य: सर्वत्र सभी लोगों के लिए अत्यधिक ग़रीबी को जड़ से खत्म करना। ब्रूकिंग्स से अनुमान के आंकड़ें 2014 में शुरू होता है।
अंतर्राष्ट्रीय ग़रीबी रेखा के नीचे रहने वाली जनसंख्या का अनुपात (अमेरिकी डॉलर 1.90/दिन)
वर्तमान अनुमान2030 का लक्ष्य
199020162030
0
25
50%
35%
9%
6%
0%
स्टंटिंग (बौनापन)
स्टंटिंग (बौनापन) समग्र संज्ञानात्मक और शारीरिक अल्पविकास का एक प्रतिनिधि है।

बौने बच्चे अपनी बाकी के जीवन के लिए कम स्वस्थ और उत्पादक होंगे, और वे देश जहाँ स्टंटिंग (बौनेपन) की दरें अधिक हैं, वे कम समृद्ध होंगे।

स्टंटिंग (बौनेपन) से निपटना इतना सरल नहीं है क्योंकि यह अवस्था बहुत से अलग-अलग कारकों के कारण होती है, लेकिन विशेषज्ञों के पास इस बात के इकट्ठे किये हुए सबूत हैं कि क्या काम करता है, और बुनियादी स्वास्थ्य और पोषण के हस्तक्षेप के तरीकों का संयोजन स्टंटिंग को काफी हद तक कम कर देता है।

लक्ष्य: सभी प्रकार के कुपोषण को समाप्त करना, साथ ही 2025 तक, 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग (बौनेपन) और अपक्षय पर अंतर्राष्ट्रीय रूप से सहमत हुए लक्ष्यों को हासिल करना। चार्ट पर दिखाया गया लक्ष्य अल्पकालीन है और मौजूदा 2025 के लक्ष्य के आधार पर बहिर्वेशन किया गया है।
पेरु में 5 साल से कम उम्र के बच्चों में स्टंटिंग (बौनेपन) की प्रबलता
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
25
50%
36%
26%
22%
26%
18%
14%
माँओं की मृत्यु दर
हाल ही के सालों में, घर की बजाय स्वास्थ्य सुविधा-केन्द्रों में जन्म देने वाली महिलाओं की संख्या में भारी बदलाव आया है।
कुशल प्रसूति देखभाल माँ की जान बचाने के लिए बहुत ज़रूरी है, इसलिए देशों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनके सुविधा-केन्द्रों में आपूर्तियाँ पूरी हैं, कुशल स्वास्थ्य पेशेवर कार्यरत हैं, और वे उच्चतम गुणवत्ता वाली देखभाल प्रदान करते हैं।
लक्ष्य: वैश्विक माँओं के मृत्यु दर अनुपात को प्रति 100,000 जीवित बच्चों में 70 से कम करना।
प्रति 100,000 जीवित बच्चों पर माँओं की मृत्यु दर
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
100
200
300
275
179
138
179
104
70
5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर
1990 से 100 मिलियन से अधिक बच्चों को बचाया गया है, जिसका बहुत बड़ा श्रेय बेहतर नवजात शिशु देखभाल प्रथाओं और टीकों को जाता है।
गतिशीलता को बनाए रखने की कुंजी कमजोर स्वास्थ्य प्रणालियों वाले देशों (या देशों के भीतर के क्षेत्रों) की बुनियादी ढांचे का निर्माण करने में मदद करना है, जिसकी उन्हें जीवन को बचाने वाले हस्तक्षेपों के साथ सभी बच्चों तक पहुंचने की आवश्यकता होती है।
लक्ष्य: 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों और नवजात शिशुओं की रोकी जा सकने वाली मौतों को खत्म करना, जहाँ सभी देशों का लक्ष्य है कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम से कम 1000 जीवित जन्मे शिशुओं में से प्रति 12 बच्चों तक घटा दिया जाए और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को कम से कम 1,000 जीवित जन्मे शिशुओं में से प्रति 25 बच्चों तक घटा दिया जाए। चार्ट पर दिखाए गये लक्ष्य का देशीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक बर्हिवेशन किया गया है।
प्रति 1,000 जीवित बच्चों पर 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की मृत्यु दर
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
50
100
85
38
23
31
19
3
नवजात शिशुओं की मृत्यु दर
बच्चों की होने वाली लगभग आधी मौतें उनके जीवन के पहले 28 दिनों के भीतर होती हैं।
नवजात शिशु बड़े बच्चों की तुलना में अलग-अलग कारणों से मरते हैं, इसलिए उन्हें बचाने के लिए अलग-अलग दृष्टिकोणों की आवश्यकता होती है। बहुत से समाधान—जैसे स्तनपान और शिशुओं को पुनर्जीवित करने के उपकरण—अपेक्षाकृत सरल साधन हैं। मुश्किल काम यह सुनिश्चित करना है कि माँओं के पास अपने शिशुओं की सही तरीके से देखभाल करने संबंधी जानकारी मौजूद हो और यह कि नवजात शिशुओं को जब ज़रूरत हो, उन्हें योग्यता प्राप्त पेशेवरों से देखभाल प्राप्त हो।
लक्ष्य: 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों और नवजात शिशुओं की रोकी जा सकने वाली मौतों को खत्म करना, जहाँ सभी देशों का लक्ष्य है कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर को कम से कम 1000 जीवित जन्मे शिशुओं में से प्रति 12 बच्चों तक घटा दिया जाए और 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर को कम से कम 1,000 जीवित जन्मे शिशुओं में से प्रति 25 बच्चों तक घटा दिया जाए। चार्ट पर दिखाए गये लक्ष्य का देशीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक बर्हिवेशन किया गया है।
प्रति 1,000 जीवित बच्चों पर नवजात शिशुओं की मृत्यु दर
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
20
40
32
17
11
14
9
1
एचआईवी
2000 के शुरुआती दशक में, वैश्विक फंड, PEPFAR, और स्थानिक देशों में घरेलू खर्च ने एचआईवी संक्रमण को काफी हद तक कम करने में मदद की।
हालांकि, जब संकट की भावना छितरी तो गिरावट की दर कम हो गई। अंतत: नई रोकथाम के तरीकों से इस दर को बढ़ाने में मदद मिलेगी, लेकिन अभी के लिए, हमें वर्तमान में उपलब्ध तरीकों का उपयोग करके इस वक्र को मोड़ना होगा। इसका अर्थ है कि समाधान पहुंचाने और सर्वोत्तम प्रथाओं को व्यापक रूप से साझा करने के नए तरीकों के लिए निरंतर खोज की जानी होगी।
लक्ष्य: एड्स, तपेदिक, मलेरिया, और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों की महामारियों को समाप्त करना। चार्ट पर दिखाया गया लक्ष्य 2030 में बालिगों के बीच 200,000 नए संक्रमणों के UNAIDS के लक्ष्य से बहिर्वेशन किया गया।
प्रति 1,000 लोगों में एचआईवी के नये मामले
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
0.25
0.5
0.75
0.37
0.25
0.21
0.5
0.1
0.02
क्षय रोग (टीबी)
2000 के दशक की शुरुआत से ही, टीबी के खिलाफ़ लड़ाई में एक बड़े निवेश, खास तौर पर वैश्विक फंड के माध्यम से, ने इलाज में महत्वपूर्ण सुधार किये।
लेकिन कमी की वार्षिक दर हमारे लक्ष्य को पूरा करने के अभी भी काफी नहीं है। हम आशा करते हैं कि नये उपकरण, जिनमें एक नया टीका शामिल है, अगले दशक में उपलब्ध होंगे।
लक्ष्य: एड्स, तपेदिक, मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों की महामारियों को समाप्त करना। उष्णकटिबंधीय बीमारियाँ चार्ट पर दिखाया गया लक्ष्य 2030 में प्रति 100,000 में 20 से कम नए संक्रमणों के टीबी रोकें साझेदारी के लक्ष्य से बहिर्वेशन किया गया।
प्रति 1,00,000 लोगों में क्षय रोग (टीबी) के नये मामले
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
100
200
187
140
114
133
89
20
मलेरिया
सन 2000 की शुरुआत से कई दशकों पहले, दुनिया भर में मलेरिया से होने वाली मौतें बढ़ रही थी।
वैश्विक फंड की स्थापना और नये उपकरणों के विकास, जिनमें कीटनाशक-इलाज वाले बिस्तरें की जालियाँ और बेहतर मलेरिया-विरोधी दवाएँ शामिल हैं, ने इस बीमारी के खिलाफ इस ज्वार को पलट दिया, और मलेरिया से होने वाली मौतें 2000 और 2005 के बीच 60 प्रतिशत तक कम हो गईं। भविष्य का यह अनुमान मानता है कि कोई नवीनता नहीं आएगी। लेकिन निरंतर निवेश और शोध के साथ, हम नए उपकरणों और रणनीतियों की उम्मीद करते हैं जो रोग के उन्मूलन की ओर प्रगति को तेज़ कर देंगे।
लक्ष्य: एड्स, तपेदिक, मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों की महामारियों को समाप्त करना। चार्ट पर दिखाये गये लक्ष्य का बहिर्वेशन WHO के घटनाओं को 90 प्रतिशत तक कम करने के वैश्विक तकनीकी रणनीति लक्ष्य से किया गया।
प्रति 1,000 लोगों में मलेरिया के नये मामले
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
20
40
31
29
28
39
5
9
उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियाँ (NTDs)
NTDs बीमारियों का एक संग्रह है जो दुनिया भर के सबसे अधिक ग़रीबों, सबसे कमजोर व्यक्तियों को उनकी क्षमता को पूरा करने से रोकती हैं।
इनमें से बहुत सी बीमारियों को रोकना या उनका इलाज करना संभव है, लेकिन जोखिम पर रहने वाले अरबों लोगों तक पहुंचना चौनौतीपूर्ण है। 2012 में, 10 NTDs को समाप्त करने या नियंत्रित करने के लिए स्थानीय देशों, दाताओं और दवा कंपनियों ने लंदन घोषणा को स्वीकार किया। इस गति को बनाये रखना ही उन्नति को तेज करने की कुंजी है।
लक्ष्य: एड्स, तपेदिक, मलेरिया और उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियों की महामारियों को समाप्त करना।
प्रति 100,000 लोगों की आबादी में 15 उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियाँ (NTDs) की प्रचलन दर
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं
199020162030
0
25
50k
47k
27k
22k
29k
13k
परिवार नियोजन
हमने अधिक और कम विकासशील देशों के बीच अंतर दिखाने के लिए देशों को समूहों में बांटा है और समूहों को अलग-अलग आयोजित किया है।
लेकिन यह चार्ट अभी भी पूरी कहानी नहीं बताता, क्योंकि जिस संकेतक "ज़रूरत पूरी हुई" का मापन किया जा रहा है, वह इस बात पर निर्भर करता है कि क्या महिलाएँ कह रही हैं कि वे गर्भधारण में देरी करना चाहती हैं या उसे रोकना चाहती हैं। इस बात के बहुत से कारण हो सकते हैं कि महिलाएँ गर्भनिरोधकों के लिए अपनी ज़रूरत को व्यक्त न करें, जिनमें सांस्कृतिक नियम शामिल हैं, जो उन्हें अपनी बात कहने से रोकते हैं। विकासशील देशों में पूरी न हुई ज़रूरतों और छुपी हुई मांगों को पूरा करने के लिए और काम किये जाने की ज़रूरत है।
लक्ष्य: नरिवार नियाजन सहित यौन व प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं तक सभी की पहुच सुनिश्चित करना
सामाजिक—जनसांख्यिकीय सूचकांक (एसडीआई) औसत प्रति व्यक्ति आय, शिक्षा प्राप्ति व कुल प्रजनन दर पर आधारित पैमाना है
प्रजनन की उम्र, 15-49 वर्ष वाली उन महिलाओं का अनुपात, जिनकी परिवार नियोजन की जरूरत आधुनिक तरीकों से संतुष्ट हो गई
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैंएसडीआई उच्च/निम्न
199020162030
0
50
100%
66%
76%
80%
उच्च
निम्न
76%
85%
सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज
हमारा केन्द्र प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल है, जो सार्वभौमिक देखभाल के लिए सबसे महत्वपूर्ण कदम है।
दुर्भाग्य से, कम और मध्यम-आय वाले देश प्राथमिक देखभाल के बारे में अपने स्वास्थ्य बजटों का केवल एक-तिहाई ही खर्च करते हैं। हमने अधिक और कम विकासशील देशों के बीच अंतर दिखाने के लिए देशों को समूहों में बांटा है और समूहों को अलग-अलग आयोजित किया है। प्रमुख देशों में प्राथमिक देखभाल बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच के बिना वाले 400 मिलियन लोगों को कवर करने की दिशा में एक लंबा सफर तय करेगी।
लक्ष्य: सभी के लिए सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करना।
सामाजिक-जनसांख्यिकीय सूचकांक (SDI) औसत आय प्रति व्यक्ति, शिक्षा प्राप्ति और कुल प्रजनन दर पर आधारित एक मापन का तरीका है।
आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की कवरेज के लिए कार्य-निष्पादन स्कोर
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्यएसडीआई उच्च/निम्न
199020162030
0
50
100
45
60
67
उच्च
निम्न
63
69
97
धूम्रपान
यह चार्ट प्रोत्साहित करता है, लेकिन यह वर्तमान धूम्रपान और धूम्रपान-रहित तम्बाकू उत्पादों के अपवर्जन की इसकी सीमित परिभाषा के कारण तम्बाकू के उपयोग को कम करके आंकता है।
तब भी, 2003 में तम्बाकू पर नियंत्रण के लिए ऐतिहासिक WHO फ्रेमवर्क सम्मेलन के बाद से, कम से कम एक तम्बाकू नियंत्रण उपाय द्वारा कवर किये जाने वाले लोगों की संख्या चार गुना हो गई। बड़ी अज्ञात बात यह है कि अफ्रीका में क्या होगा जहाँ तम्बाकू बनाने वाली कम्पनियों को अवसर नज़र आ रहा है। इस निम्न प्रवृत्ति को बनाए रखने के लिए कड़े तम्बाकू नियंत्रण कानून अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं।
लक्ष्य: सभी देशों में तम्बाकू नियंत्रण पर वैश्विक स्वास्थ्य संगठन फ्रेमवर्क सम्मेलन के कार्यान्वयन को मजबूत बनाना।
10 साल और उससे ऊपर की आबादियों में दैनिक धूम्रपान का प्रचलन
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं
199020162030
0
15
30%
22%
16%
13%
15%
12%
टीके
टीके वैश्विक स्वास्थ्य में सबसे अधिक प्रभावशाली सफलता की कहानियों में से एक हैं।
अधिकतर लोगों को पहले से कहीं अधिक टीके लगाये जा रहे हैं और उनकी अधिक से अधिक बीमारियों से रक्षा की जा रही है। टीकाकरण कार्यक्रम के लिए नये कदम देशों के भीतर मौजूद असमानताओं के कोटकों को तलाश कर गतिरोध से लड़ना है – यहाँ तक कि उच्च औसत दरों वाले – और उन तक जीवन बचाने वाले टीकों की एक पूरी श्रेणी के साथ पहुंचना है। हमने अधिक और कम विकासशील देशों के बीच अंतर दिखाने के लिए देशों को समूहों में बांटा है और समूहों को अलग-अलग आयोजित किया है।
लक्ष्य: ऐसी संचारी और गैर-संचारी बीमारियों के लिए टीकों और दवाइयों के अनुसंधान और विकास को समर्थन देना जो मुख्य रूप से विकासशील देशों को प्रभावित करती हैं और उन्हें सस्ती आवश्यक दवाओं और टीकों तक पहुंच प्रदान करना।
सामाजिक-जनसांख्यिकीय सूचकांक (SDI) औसत आय प्रति व्यक्ति, शिक्षा प्राप्ति और कुल प्रजनन दर पर आधारित एक मापने का तरीका है।
आठ टीकों द्वारा कवर्ड लक्षित आबादी का अनुपात, राष्ट्रीय टीका कार्यक्रम में शामिल किए जाने पर सशर्त
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैंएसडीआई उच्च/निम्न
199020162030
0
50
100%
73%
89%
93%
उच्च
निम्न
90%
97%
स्वच्छता
यह चार्ट उस डेटा पर आधारित है जो बताता है कि स्वच्छता में सुधार केवल अधिक लोगों को नालों और अपशिष्ट जल के उपचार संयंत्रों से जोड़कर आएगा, जो कि बहुत से स्थानों पर महंगे और अव्यवहारिक हैं।
हमारा मानना है कि हम और अधिक मानव अपशिष्ट को सुरक्षित रूप से इकट्ठा करने और उसका प्रबंध करने द्वारा भी अधिक उन्नति देखेंगे जो इस समय गड्ढे वाले शौचालयों और सेप्टिक टैंकों में इकट्ठा है और रोगणुओं को मारने वाले नए शौचालयों को व्यवहार में लाने के साथ अधिक उन्नति देखेंगे, लेकिन नालियों पर आश्रित न हों।
लक्ष्य: सभी के लिए पर्याप्त और उचित साफ-सफाई और स्वच्छता तक पहुंच को हासिल करना और खुले में शौच को समाप्त करना, महिलाओं और लड़कियों और उन लोगों की जरूरतों पर विशेष ध्यान देना जो अतिसंवेदनशील स्थितियों में हैं।
असुरक्षित या अपरिष्कृत स्वच्छता का उपयोग करके आबादियों का प्रचलन
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैंयदि हम पीछे की ओर जाते हैं2030 का लक्ष्य
199020162030
0
30
60%
57%
33%
23%
32%
20%
2%
ग़रीबों के लिए वित्तीय सेवाएँ
दूसरे चार्टों के विपरीत, यह केवल 2005 तक ही पीछे जाता है, जब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने डेटा इकट्ठा करना शुरु किया था।
अकेले एक दशक में ही इन खातों में 75 फीसदी वृद्धि डिजिटल वित्तीय सेवाओं की आश्चर्यजनक क्षमता को प्रदर्शित करती है। हालांकि, केवल एक खाते का होना ही समावेश के बराबर नहीं है। लोगों का महंगी अनौपचारिक सेवाओं की बजाय उन्हें इस्तेमाल करना भी ज़रूरी है। इसका अर्थ है कि बैंकों, मोबाइल नेटवर्क प्रचालकों और अन्य फिनटेक कंपनियों को ग़रीबों की अत्यावश्यक ज़रूरतों को पूरा करने के लिए नवीनता लानी चाहिए।
लक्ष्य: बैंकिंग, बीमा और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच को प्रोत्साहित करने और बढ़ाने के लिए घरेलू वित्तीय संस्थानों की क्षमता को मजबूत बनाना 2005 और 2008 के लिए अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष डेटा। 2011 और 2014 के लिए विश्व बैंक डेटा। 2015 और उससे आगे के लिए मैकिंज़ी वैश्विक संस्थान अनुमान आंकड़े।
बालिगों (15 साल और उससे ऊपर) का वह अनुपात जिनका किसी बैंक या अन्य वित्तीय संस्थान या किसी मोबाइल-वित्त-सेवा प्रदाता के साथ एक खाता है।
वर्तमान अनुमानयदि हम उन्नति करते हैं2030 का लक्ष्य
200520162030
0
50
100%
37%
65%
82%
92%
97%
शिक्षा
स्कूल में बच्चों की संख्या की गणना करना अपेक्षाकृत आसान है।
लेकिन यह हमें ये नहीं बताता कि वे बच्चे वास्तव में कितना सीख रहे हैं। SDGs ने सिर्फ मात्रा (जैसे नामांकन और समाप्ति) से अपना ध्यान हटाकर शिक्षा की मात्रा और गुणवत्ता दोनों पर अपना ध्यान केन्द्रित किया है। हालांकि, गुणवत्ता (जैसे कि उपलब्धि) को मापना कठिन है। बहुत से देश उपयोगी डेटा को बिलकुल भी नहीं बनाते हैं, विश्व स्तर पर तुलनीय तरीके से बनाने की बात तो दूर रही। पहला कदम राष्ट्रों के बीच बेहतर मूल्यांकनों का विकास करना है, विशेष तौर पर शुरुआती कक्षाओं के लिए। हमें यह जानने की ज़रूरत है कि क्या बच्चे पढ़ सकते हैं, जो कि सभी प्रकार के आगे की शिक्षा के लिए ज़रूरी है।
बच्चों और युवा लोगों का अनुपात: 2 और 3 कक्षाओं में; प्राथमिक स्कूल की समाप्ति पर; और निचले माध्यमिक स्कूल की समाप्ति पर पढ़ने और गणित में, लिंग के अनुसार, कम से कम एक न्यूनतम प्रवीणता स्तर प्राप्त करना
199020162030
अपर्याप्त डेटा
लिंग
जब महिला लघुधारक किसानों के पास अपनी ज़मीन के संरक्षित अधिकार होते हैं, तो यह उनके जीवन को बदल सकता है।
उन्हें अपने परिवारों में अधिक बोलने की ताकत दे सकता है, जिसका अर्थ है कि उनके परिवार के भविष्य पर अधिक प्रभाव होना। SDGs ने स्पष्ट रूप से महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण के बारे में एक लक्ष्य शामिल किया है, लेकिन यह इस बात का एक संकेत है कि हमने इस मुद्दे को कितना नजरअंदाज किया है कि इस लक्ष्य के तहत 14 में से केवल तीन सूचकों के लिए ही पर्याप्त आधारभूत डेटा है और पता लगाने योग्य हैं। जब लिंग द्वारा भूमि कार्यकाल के बारे में संकेतक अपनाया गया था, तब तक इसके बारे में कोई समझौता नहीं हुआ था कि इसे कैसे मापना है। तब से, संयुक्त राष्ट्र ने एक परिभाषा, मानकों और एक पद्धति पर सहमति व्यक्त की है। हमारा अभी भी इस दृष्टिकोण का परीक्षण करना और यह सुनिश्चित करना बाकी है कि देश नियमित रूप से इस संकेतक का पता लगाने के लिए लैस हैं। जब हमारे पास वास्तव में डेटा होता है, तो महिलाओं और लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए नीतियों और कार्यक्रमों को तैयार करना काफी हद तक आसान होगा।
कृषि भूमि पर, लिंग के अनुसार स्वामित्व या अधिकारों के संरक्षण वाली कुल कृषि आबादी का अनुपात; कृषि भूमि मालिकों या अधिकार-धारकों के बीच महिलाओं का हिस्सा, कार्यकाल की किस्म के अनुसार
199020162030
अपर्याप्त डेटा
कृषि
ग़रीबी में कमी लाने के लिए कृषि महत्वपूर्ण है, इसलिए छोटे पैमाने पर उत्पादकों की उत्पादकता और आय पर नज़र रखना महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस समय, कई देश कृषि डेटा को एक सही तरीके से एकत्रित नहीं करते, क्योंकि यह बोझिल और महंगी प्रक्रिया है।
विकास के तहत एग्रीकल्चर इंटीग्रेटिड सर्वेक्षण (AGRIS) नामक एक शक्तिशाली नई पद्धति मौजूद है जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले आंकड़े इकट्ठा करने की क्षमता है। यह देशों द्वारा डेटा के विभिन्न स्रोतों को एकत्र करते हुए और एक सटीक चित्र बनाने के लिए कुशल नमूनाकरण रणनीति का उपयोग करते हुए एक आधुनिक दृष्टिकोण का प्रयोग करती है। अब प्राथमिकता AGRIS का परीक्षण और सत्यापन करना है और यह सुनिश्चित करना है कि दाता देशों को इसे लागू करने और आगे बढ़ाने में सहायता करते हैं।
खेती/पशुपालन/वानिकी उद्यम आकार के वर्गों के अनुसार प्रति श्रम इकाई के अनुसार उत्पादन की मात्रा
199020162030
अपर्याप्त डेटा

यह एक तथ्य है कि बीमारी और ग़रीबी सुलझाने योग्य है। हम सभी को समीकरण के समाधान योग्य भाग पर ध्यान केंद्रित करने के लिए आमंत्रित करते हैं। हमारे पास यह तय करने की ताकत है कि वास्तव में इसका कितना हिस्सा हल किया जा सकता है। आईये महत्वाकांक्षी बने। आईये नेतृत्व करें।

हम इस रिपोर्ट को 2030 तक हर साल प्रकाशित करेंगे क्योंकि हम नेताओं को यह दिखाकर प्रेरित करना चाहते हैं कि क्या संभव है और उन्हें वे सबूत और अंतर्दृष्टि प्रदान करेंगे कि उन्हें किस प्रकार और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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स्रोत और नोट्स

इस रिपोर्ट में, हमने 232 SDG सूचकों में से 18 को चुना है। नीचे चार्ट डेटा के लिए स्रोत दिये गये हैं। जहाँ स्वास्थ्य मैट्रिक्स और मूल्यांकन संस्थान की एक मापन की परिभाषा है जिसके लिए आगे स्पष्टीकरण की आवश्यकता है, हमने नीचे अतिरिक्त विवरण भी शामिल किए हैं। चार्टों में शामिल किये गये 2030 वैश्विक लक्ष्य उस उन्नति को दर्शाते हैं जो दुनिया प्राप्त करने का लक्ष्य रखती है। कुछ SDG सूचकों का परिणाम निर्धारित किये जा सकने योग्य एक वैश्विक लक्ष्य (जैसे कि, माँओं की मृत्यु दर) है, कुछ की परिणाम निर्धारित किये जा सकने योग्य एक देशीय लक्ष्य (जैसे कि, बच्चे और शिशु की मृत्यु दर) है, जिसका बहिर्वेशन हमने एक वैश्विक स्तर तक किया है, और दूसरों के लिए हमने WHO द्वारा प्रस्तावित 2030 लक्ष्यों (जैसे कि, एचआईवी, मलेरिया, टीबी) का उपयोग किया है।

ग़रीबी

Homi Kharas, ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन, व्यक्तिगत पत्राचार, जुलाई 2017

ग़रीबों के लिए वित्तीय सेवाएँ

"वर्तमान के अनुमान" और "यदि हम उन्नति करते हैं" परिदृश्यों के लिए वैश्विक आंकड़ें निम्नलिखित स्रोतों पर आधारित हैं:

2005 और 2008: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, वित्तीय पहुंच सर्वेक्षण, http://data.imf.org/FAS

2011 और 2014: विश्व बैंक, वैश्विक वित्तीय समावेशन (वैश्विक फिंडैक्स) डेटाबेस. http://datatopics.worldbank.org/financialinclusion/

2015 और उससे परे: Manyika, J., Lund, S., Singer, M., White, O., और Berry, C., "सभी के लिए डिजिटल वित्त: उभरती हुई अर्थव्यवस्थाओं में समावेशन के विकास को सशक्त बनाना," मैक्निज़ी वैश्विक संस्थान, सितम्बर, 2016. http://www.mckinsey.com/global-themes/employment-and-growth/how-digital-finance-could-boost-growth-in-emerging-economies

Field, E., Pande, R., Rigol, N., Schaner, S., और Moore, C. T., “उनकी सोच के आधार पर: क्या महिलाओं का वित्तीय नियंत्रण मजबूत बनाने से महिलाओं की श्रम आपूर्ति को बढ़ावा मिलेगा?" 15 नवम्बर 2016. http://scholar.harvard.edu/files/rpande/files/on_her_account.can_strengthening_womens_financial_control_boost_female_labor_supply.pdf

Jack, W., और Suri, T., “दीर्घकालिक ग़रीबी और मोबाइल धन का लिंग प्रभाव” विज्ञान, 9 दिसम्बर, 2016. http://science.sciencemag.org/content/354/6317/1288

अन्य सभी चार्ट

अनुमान वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में स्वास्थ्य मैट्रिक्स और मूल्यांकन संस्थान (IHME) से लिये गये हैं। परिदृश्यों के तरीके: "यदि हम प्रगति करते हैं" परिदृश्य देशों में परिवर्तन की ऐतिहासिक औसत वार्षिक दरों की 85वीं प्रतिशतता में परिवर्तन की दर को निर्धारित करने से प्राप्त किया गया है। "यदि हम पीछे की ओर हटते हैं" परिदृश्य देशों में परिवर्तन की ऐतिहासिक औसत वार्षिक दरों की 15वीं प्रतिशतता में परिवर्तन की दर को निर्धारित करने से प्राप्त किया गया है। वर्तमान अनुमान पिछले रुझानों पर आधारित है। IHME आंकड़ों पर और अधिक जानकारी के लिए, कृपया http://healthdata.org/globalgoals पर जाएँ और GBD 2016 SDG समन्वयक देखें। 188 देशों में उन्नति मापना और उपलब्धि का अनुमान स्वास्थ्य संबंधी स्थायी विकास उद्देश्यों की पिछली प्रवृत्तियों पर आधारित हैं: बीमारी के वैश्विक बोझ अध्ययन 2016 से एक विश्लेषण। The Lancet. सितम्बर 2017

निम्नलिखित सूचकों के लिए IHME की परिभाषाओं पर आगे के विवरणों के लिए:

उपेक्षित उष्णकटिबंधीय बीमारियाँ

IHME प्रति 100,000 के 15 NTDs के प्रसार का योग का मापन करता है, इस समय बीमारी के अध्ययन के वैश्विक बोझ में मापा गया: मानवीय अफ्रीकी ट्रिपैनोसोमासिस, चागस रोग, सिस्टिक एचिइनोकोकोसिस, सिस्टिकिकोसिस, डेंगू, भोजन से पैदा हुए ट्राटमोडीज़, गिनी वार्म, आंतों में निमेटोड संक्रमण, लेशमैनियासिस, कुष्ठ रोग, लिम्फेटिक फिलारायसीस, ओन्कोस्कोरीसिस, रैबीज, स्किस्टोसोमियासिस, और ट्रेकोमा।

सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज

नौ अनुरेखक हस्तक्षेपों की कवरेज के UHC सूचकांक और 32 से व्यक्तिगत स्वास्थ्य देखभाल के लिए उत्तरदायी मानकीकृत मानदंडों की जोखिम द्वारा परिभाषित किया गया। अनुरेखक हस्तक्षेपों में शामिल हैं: टीकाकरण कवरेज (DPT, खसरा टीका की तीन खुराकें, और मुंह से दी जाने वाली पोलियो वैक्सीन या निष्क्रिय पोलियो वैक्सीन की तीन खुराकें) शामिल हैं; आधुनिक गर्भनिरोधक के लिए आवश्यकता पूरी हुई; ANC कवरेज; SBA कवरेज; सुविधा-केन्द्र में डिलीवरी की दरें; और एचआईवी से पीड़ित लोगों में एंटीरेट्रोवाइरल थेरेपी की कवरेज। निजी स्वास्थ्य देखभाल के लिए 32 उत्तरदायी कारणों में तपेदिक, अतिसार बीमारियाँ, निचला श्वसन संक्रमण, ऊपरी श्वसन संक्रमण, डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, खसरा, मातृ विकार, नवजात विकार, कोलन और मलाशय कैंसर, गैर मेलानोमा कैंसर, स्तन कैंसर, ग्रीवा कैंसर, गर्भाशय कैंसर, वृषण कैंसर, हॉजकिन्स लिम्फोमा, ल्यूकीमिया, संधिशोथ हृदय रोग, इस्कीमिक हृदय रोग, सेरेब्रोवैस्कुलर रोग, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त हृदय रोग, पेप्टिक अल्सर रोग, एपेंडीसिटीस, हर्निया, पित्ताशय की थैली और पित्त रोग, मिर्गी, मधुमेह, चिरकालिक किडनी रोग, जन्मजात हृदय विकृति और प्रतिकूल प्रभाव चिकित्सा उपचार शामिल हैं।

फिर IHME ने 0 से 100 के पैमाने पर इन 41 व्यक्तिगत इनपुट्स को स्केल किया, जहाँ 0 1990 और 2016 के बीच सबसे खराब स्तरों को दर्शाता है और 100 इस समय के दौरान सबसे अच्छे अवलोकन किये गये स्तरों को दर्शाता है। उन्होंने प्रजनन, मातृ-संबंधी, नवजात शिशु, और बाल स्वास्थ्य; संक्रामक रोग; गैर-संचारी रोग; और सेवा की क्षमता और पहुंच से संबंधित ज़रूरी स्वास्थ्य सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला को इकट्ठा करने के लिए इन 41 स्केल किए गए सूचकों का अंकगणितीय औसत लिया।

टीके

IHME के मापन में निम्नलिखित टीके मौजूद थे: DPT (तीन खुराकें), खसरा (एक खुराक), BCG, पोलियो वैक्सीन (तीन खुराकें), हेपेटाइटिस बी (तीन खुराक), हीमोफिलस इन्फ्लूएंजा टाइप बी (एचआईबी, तीन खुराकें), न्यूमोकोकल संयुग्मक टीका (PCV, तीन खुराकें), और रोटावायरस टीका (दो या तीन खुराकें) शामिल हैं। IHME ने इन आठ टीकों के कवरेज के ज्यामितीय माध्यम का उपयोग किया, जो कि एक देश के राष्ट्रीय टीका अनुसूची में शामिल किए जाने पर आधारित था।

स्वच्छता

IHME ने पाइप युक्त (एक सीवर कनेक्शन के साथ) स्वच्छता वाले परिवारों का; सीवर कनेक्शन के बिना बेहतर स्वच्छता वाले परिवारों (गड्ढे वाले शौचालय, हवादार सुव्यवस्थित लैट्रेन, स्लैब के साथ पिट शौचालय, कम्पोस्टिंग टॉयलेट); और बेहतर स्वच्छता के बिना वाले परिवारों (फ्लश शौचालय, जो सीवर या सेप्टिक टैंक से पाइप द्वारा जोड़ा नहीं गया है, स्लैब या खुले गड्ढे के बिना वाला पिट शौचालय, लटकता हुआ शौचालय या लटकती हुई लैट्रिन, साझा सुविधाएं, कोई सुविधाएं नहीं) का मापन किया, जैसा कि संयुक्त निगरानी कार्यक्रम द्वारा परिभाषित है।

आंकड़ों के पीछे की कहानियाँ

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